Wednesday, 1 May 2013

Hindi Sex Stories - गाँव की गोरी की इंडियन चूत

गाँव की गोरी की इंडियन चूत

रामू की सेक्सी बीवी सुखिया

मैं अपने गाँव गया हुआ था. मेरे दादाजी गाँव के बड़े लोगों में से एक थे ,गाँव में हमारी बहुत ही अच्छी खेती-बाड़ी है. मैं जब गाँव गया था वो समय धान काटने का था और बहुत सारी इंडियन औरत धान काटने खेतों में जाया करती थी. वही पास में ही हमारी गन्ने की फसल भी थी. एक दिन सुबह-सुबह बहुत सरे मजदूर खेतों में जा रहे थे तो मैंने भी वहां जाने के लिए दादाजी से कहा. दादाजी ने रामू को खेतों में मेरा ख्याल रखने को कहा. रामू की बीबी सुखिया भी धान काटने जा रही थी,वो एक मस्त गदराई हुई गांड वाली इंडियन औरत थी. उसकी बड़ी गांड और भरी चुतड देख कर लंड खड़ा हो जाता था. हम सभी खेतों में चले गए ,वहां सभी मजदूर धान काटने लगे और रामू ने मेरे लिए वही कुछ कटे हुए धान को बिछा दिया और बोला-आप यहाँ आराम कीजिए. मैं वही लेट गया,सुखिया भी वही धान काट रही थी. रामू को कहीं जाना था तो वो सुखिया को मेरा ख्याल रखने को बोल कर चला गया और साथ में बोला अगर बाबूजी को किसी चीज़ की जरुरत हो तो दे देना.
indian village nude गाँव की गोरी की इंडियन चूत

अरे क्या सेक्सी इंडियन गांड है

मैं लेटे -लेटे सुखिया की मस्त गांड को देख रहा था,सोच रहा था अगर ये चोदने को मिल गए तो कितना अच्छा रहता. ये सब सोचकर मेरा लंड पैजामे के अन्दर ही खड़ा हो गया. मैं अपने खड़े लंड को पैजामे के उपर से मसलते हुए-सुखिया से बात करने लगा. मैंने उस मस्त इंडियन औरत से पूछा-कितने बच्चे हैं तेरे. वो बोली 3 बच्चे हैं बाबूजी. मैंने कहा इतनी उम्र तो नहीं लगती तेरी 3 बच्चे कैसे हो गए. वो अपने जाँघों के बीच में साडी को समेत कर रखते हुए बोली-बाबूजी गाँव में शादी कम उम्र में हो जाती है तो बच्चे भी जल्दी ही हो जाते हैं और यहाँ के मर्दों को और कोई काम तो रहता नहीं है, रात भर परेशान कर के छोड़ देते हैं. मैंने मज़ा लेते हुए कहा-क्या करते है की परेशान हो जाती हो. उसने कटीली मुस्कान के साथ कहा -बाबूजी जैसे आप जानते ही नहीं ,वो धान काटना छोड़ कर मुझसे बात कर रही थी.
मैंने अपने लंड को मसलते हुए कहा-मुझे सही में नहीं मालूम है की कैसे परेशान किया जाता है. उसने मेरे खड़े लंड की तरफ देखते हुए कहा-आपकी तो बहुत सी लड़कियां दोस्त होंगी शहर में. मैंने अनजान बनते हुए कहा, लड़कियां दोस्त तो है पर उससे क्या होता है. उसने आश्चर्य से मेरी ओर देखते हुए कहा-आपको सही में नहीं मालूम है तो शहर की अपनी लड़की दोस्त से पूछ लीजियेगा. मैंने चुटकी लेते हुए कहा-तू ही बता दे न ,कैसे परेशान किया जाता है.  उसे मेरी बातों से मज़ा आ रहा था, उसकी आँखें नशीली होती जा रही थी. उसने कहा रात को मर्द अपनी इंडियन औरत को अपनी बाँहों में लेकर चोदता है और उसे रात भर परेशान करता है. मैंने भोला बनने का नाटक करते हुए कहा – सुखिया ये चोदना क्या होता है. वो हंसते हुए बोली-आप बहुत भोले हो बाबूजी ,मर्द औरत की चूत  में लंड डाल कर चोदता है. वो बहुत गर्म हो गई थी, मैंने उससे कहा-मैंने कभी चूत नहीं देखि है क्या तू मुझे चूत दिखाएगी. उसने शरमाते हुए कहा-बाबूजी आप बहुत वो हो, आपकी बातों को सुनकर मेरा तो मन गन्ना चूसने को कर रहा है.

सुखिया को मेरा लंड चुसना था

मैंने कहा इसमें क्या है बगल के खेत से गन्ना तोड़ लो और चूस लो और मेरे लिए भी लेती आना. उसने कहा-आप कुछ समझते ही नहीं, मैं उस गन्ने की बात कर रही हु जो आपके पैजामे में ,कह कर वो चुप हो गई. मैंने मन ही मन सोच लिया था की आज इस इंडियन औरत के साथ इंडियन सेक्स का पूरा मज़ा लूँगा. मैंने उससे फिर से पूछा तो वो कहने लगी आप चलिए मेरे साथ मैं आपके लिए गन्ना तोड़ देती हु वहीँ कहीं मेरा गन्ना भी न मुझे मिल जाए. वो बगल वाली खेत की मेड पर पहुँच गई और मुझसे कहा-यहाँ बैठ कर घोड़े जैसे अंदर चलिए ,खड़ा होकर चलने से गन्ने के पत्ते से कटने का खतरा है. वो घोड़ी बन कर आगे-आगे चलने लगी और मैं उसकी बड़ी मस्त गांड को देखते हुए उसके पीछे चल पड़ा.
मैं उससे बिलकुल सट कर चल रहा था की आगे एक बड़ा बिलाड़ नज़र आया और वो डर कर पीछे हटी और उसकी गांड सीधे मेरे लंड पर लगी. मैं वहीँ रुक गया था उसकी गांड का एहसास मेरे लंड के लिए अनोखा था . उसे भी मेरा खड़ा लंड अपने गांड पर महसूस हो रहा था, वो डर का बहाना करके अपनी बड़ी गांड को मेरे लंड पर घिस रही थी. कुछ देर बाद वो बिलाड़ वहां से चला गया, उसका मन तो गांड से उठने का नहीं कर रहा था पर वो मजबूरी में आगे बढ़ गई. बीच खेत कुछ जगह खाली थी वहां पहुँच कर उसने एक गन्ना तोड़ कर मुझे दे दिया और खुद गन्ना चूसने लगी. कुछ ही देर हुआ था की उसने कहा-बाबूजी मुझे जोर से पेशाब लगी है आप उधर घूम जाइये मैं पेशाब कर लेती हूँ . मैंने कहा- यहीं कर लो मैं भी देखूंगा तुम कैसे करती और तुम्हारी चूत भी देख लूँगा. उसने नई नवेली दुल्हन की तरह शर्माते हुए कहा-बाबूजी आप बहुत बेशर्म हो, पर मैं भी आपका गन्ना देखूंगी.

 मूत के उसने अपनी चूत दिखाई

मैंने झट से हां कह दिया और वो अपनी साडी उठाकर मेरे सामने ही मुतने लगी. उसकी फूली हुई गुलाबी चूत से सी-सी की आवाज़ करते हुए मूत की धार बह निकली. ये देखकर मेरा लंड लोहे जैसा कड़क हो गया था, मुतने के बाद उसने कहा-बाबूजी अब मेरा गन्ना मुझे दिखाओ, मैंने कहा खुद देख लो पर मुझे तेरी चूत को और अच्छे से देखना है. वो मेरे पास आई और पैजामे के उपर से ही मेरा लंड पकड़ कर साइज़ का अंदाज़ा लेने लगी, फिर उसने मेरे पैजामे का नाडा खोल दिया और मेरे खड़े लंड को हाथ में लेकर मसलने लगी. मैं भी उसकी साडी को उपर उठा कर उसकी चूत को सहलाने लगा. उसने कहा बाबूजी मेरा गन्ना मुझे मिल गया अब तो मैं इसे जम कर चुसुंगी और बैठ कर मेरे लंड को मुंह में भरकर चूसने लगी. मुझे तो लग रहा था आज मेरे लंड को गन्ने की तरह निचोड़ डालेगी. वो काफी देर तक मेरा लंड चुसती रही और उससे निकला पानी पी गई और मेरी तरफ वासना भरी निगाहों से देखने लगी. मैं उस औरत के साथ इंडियन सेक्स करने के लिए तैयार था.
मैंने उस इंडियन औरत सुखिया से कहा अब अपनी चूत तो अच्छे से दिखा दो अब तो तुमने मेरे गन्ने को चूस भी लिया है और उसका रस भी पी लिया है. इसमें क्या है लो देख लो-वो अपनी साडी उठाकर खड़ी हो गई. मैं बैठ कर उसकी चूत को देखने लगा, उसकी गुलाबी चूत फुल कर लाल और गीली हो गई थी. मैंने उसकी चूत को सहलाते हुए, उसमे ऊँगली घुसा दिया और आगे-पीछे करके ऊँगली से उसकी चूत को चोदने  लगा. वो इंडियन औरत मस्ती में सिसिकियाँ निकालने लगी उससे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था. वो मेरे मुंह पर अपनी चूत रगड़ते हुए बैठ गई. उसके चूत से मादक खुशबू आ रही थी. मैंने उसकी चुचियों से खेलते हुए उसको चूसना शुरू कर दिया, मैं उसकी दोनों चुचियों को बदल-बदल कर चूसता रहा. वो सिसियाते हुए मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी.

इंडियन चूत की चुदाई हो गई

मैं अब उसकी चूत को सहला रहा था, उसकी चूत बहुत ही गीली हो गई थी वो इंडियन औरत जवानी से भरपूर काफी गर्म हो गई थी, उसने कहा बाबूजी मुझे मत तरसाओ, अब अब देर मत करो, मेरी चूत में अपना लंड डाल कर चोद डालो. मैंने उसकी गोरी टांगों को चुमते हुए फैला दिया और चूत की छेद पर अपना मुसल लंड रख कर थोडा अंदर की तरफ दबाया. वो इंडियन औरत सुखिया छटपटाते हुए बोलने लगी -मर गई, निकाल लो बाहर, बहुत मोटा है, मैं तो मर ही जाउंगी. मैंने रुक कर अपने लंड को बाहर निकाल लिया, उसने आँख खोलते हुए पूछा-क्या हुआ,बाहर क्यों निकाल लिया. मैंने कहा-तुम्ही ने कहा तो मैंने निकाल लिया. तडपा क्यों रहे हैं  -इतना सुनते ही मैंने चूत पर लंड को रखते हुए एक ज़ोरदार झटका मारा. उसका पूरा बदन दर्द के मारे शिहर गया , आआह्ह् मर गई मेरी चूत  को फाड़ डाला, ये आदमी का लंड है या गधे का लंड ,मार डाला आपने तो, मेरी चूत पूरी तरह से भर गई.
अब मैं थोडा आगे-पीछे करके इंडियन औरत को चोदने लगा, उसके होठों को चूमने लगा, चुन्चों के निप्पल को चूसने लगा. अब वो थोड़ी ठीक हुई और इंडियन औरत की भाभी के चूत से पानी बहने लगा. मैंने अपना आधा लंड बहार निकाल कर एक ज़ोरदार धक्का मारते हुए पूरा लंड इंडियन औरत की चूत में पेल दिया. पहले तो दर्द के मरे बिलबिला उठी फिर बोली- बाबूजी, आप पहले क्यों नहीं मिले, कहाँ थे अब तक आप. मैंने उनके कंधे के निचे से उन्हें पकड़ लिया जिससे की वो हिले नहीं और मैं जोर-जोरसे चोदने लगा. इंडियन औरत की चूत से पानी झड़ने की तरह बहने लगा, उसकी गांड भी भींग गई. मैं स्पीड में चोदे जा रहा था फिर मैंने लंड निकाल लिया और उसे घोड़ी बना दिया और पीछे से लंड डाल कर चोदने लगा. उसने सिसकियाँ लेते हुए कहा-मुझे ऐसा मज़ा आज तक नहीं मिला था और जोर से ,फाड़ दो मेरी चूत  को. वो मस्ती में आकर अपनी गांड को पीछे धकेल रही थी, मैं उस इंडियन औरत के बदन को चाट रहा था ,चूम रहा था. अब वो झड़ने लगी और अपनी गांड को मेरे लंड पर जोर से दबा दिया और झड गई, मैं भी इधर झड़ने वाला था. मैंने जोर से चोदते  हुए उसकी चूत की गहराइयों में अपना पानी छोड़ दिया.

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